' मेरा बचपन '
पापा की गोदी में
अठखेली करता वो बचपन ,
माँ के आँचल में
छुपता-इठलाता वो बचपन ,
आँखों में शरारत, ग़मों से अनजान ,
हँसता-मुस्कुराता वो बचपन ,
काश कोई लौटा दे ,
वो प्यारा-सा मेरा बचपन !
- सोनल पंवार
Friday, November 11, 2011
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बचपन को याद दिलाती सुन्दर रचना
ReplyDeleteGyan Darpan
.
Its so creative and emotional poem... keep it up. chandrapal singh
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